A Poem penning down aspirations of a women. It expresses what my aspirations are and I believe of most women are.
जाना है मुझे नयी दिशाओं की तलाश में,
सफलता के नए सोपान चढना है मेरा सपना,
नयी मंजिलों को मुझे बनाना है अपना।
अपनी राहें मैं खुद तलाशुंगी,
अपनी मंजिलें मैं खुद तराशुंगी।
सहानुभूति की बैशाखी, बेचारगी की लाठी,
मुझे नहीं चाहिए मेरी मजबूरियों का फायदा उठाते साथी।
मैं नही झुकुंगी चुनौतियों के आगे,
मैं नही टूटूंगी मुश्किलों से हार के।
कदमों को नयी आकांक्षाओं की तरफ बढ़ाऊँगी,
हर आकांक्षा को मैं अपना बनाउंगी।
सफलता के सर्वोच्च शिखर पर,
अपनी नयी पहचान मैं बनाउंगी।
------------- आकांक्षा रंजन

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